10 जनवरी 2020

मेरा पहला प्यार । कविता । mera phahla pyar

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मेरा पहला प्यार । कविता । mera phahla pyar

दोस्तों आज इस पोस्ट मैं लाया हूँ  mera phahla pyar कहने का मतलब mera phahla pyar  kvita आप इसे mera phahla pyar poem भी कह सकते है. मुझे पक्का यकीन है आपको जरूर पसंद आएगा। आपको पसंद आये तो आप मेरा पहला प्यार को Whatsapp, facebook, Twitter,  पर जरूर शेयर करे.

मेरा पहला प्यार दूसरी पर भारी रहा
आना-जाना तीसरे के घर भी जारी रहा

मेरा पहला प्यार दूसरी पर भारी रहा
तीसरे के घर जाना जारी रहा

चौथे प्यार ने तो हद कर दी

सोने की चैन और अगूठी हजम कर ली

पाचवें प्यार के भाई ने कुटा

छठे प्यार में मेरी ही लुगाई ने कूटा

सातवे प्यार के यारो ने कुटा 

आठवें प्यार के रिस्तेदारों ने कुटा 

नोवे प्यार में शुरू शुरू में टाटा हो गया

इसी प्यार के चक्कर में सुख के काटा हो गया

अब तो मन मे आता हैं प्यार से तौबा करलु

आपकी हँसी देखकर मन करता है एक प्यार और करलु



Coming soon:-
जब उनकी गली से मेरा जनाजा गुजरा ।
वो अपने घर में करते रहे मुजरा ।।
चार अस्क भी जनाने में बहने ना आएं।
आखरी सलाम हाथ मिलाने ना आए।।

1 टिप्पणी:

Abhilasha ने कहा…

बहुत ही सुन्दर