दिल्ली दंगों पर चिंतन | Delhi Violence

दिल्ली दंगों पर 25 बिंदुओं का गंभीर चिंतन

(A)🏹दिल्ली के मुसलमानों द्वारा------

1. युद्ध से पहले तैयारी की गयी।

2. दूसरे राज्यों से रिश्तेदारों को बुलाया गया।

3. धन इकट्ठा किया गया।

4. रणनीति बनाई गई।

5. कुछ लोगों ने नेतृत्व अपने हाथ में लिया।

6. पत्थर इकट्ठे किये गये।

7. हथियारों को धार दी गई।

8. बन्दूकें भी तैयार की गईं।

9. पेट्रोल बम बनाये गये।

10. तेजाब की थैलियाँ बनाई गईं।

11. बड़ी-बड़ी गुलेलें बनाई गईं।

12. एक ही कलर के हेलमेट लाखों की संख्या में खरीदे गये। ताकि अपने लोगों की पहिचान रहे।

13. अपनी दुकानों पर NO N. R. C.
लिख दिया गया। ताकि इन्हें आगजनी से बचाया जा सके।

14. हिन्दुओं के इलाके चिन्हित किये गये।

15. हिन्दुओं के घरों, दुकानों को चिन्हित किया गया।

16. रणनीति बनाई गई कि हमला किस तरफ से किया जायेगा।

17. रणनीति बनाई गई की हमले के बाद किधर से बचकर भागना है।

18.दंगे के दिन अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा गया एग्जाम तक छुड़वा दिया गयाl

19. वीडियो नहीं बनाये गये।

20. सोशल मीडिया पर विक्टिम कार्ड खेला गया।

21. दंगों के दौरान हिंदुओं में सवर्ण ,पिछड़ी, दलित आदि का भेदभाव नहीं किया गया और सबको केवल काफिर मानकर तबाह किया गया!

22. औरतों और बच्चों को शाहीन बाग में बैठाकर सबका ध्यान उधर भटका दिया गया और पुरुष वर्ग दंगों की तैयारी करता रहा!

23.  फिर भाईचारे की नौटंकी शुरू की गई।

24. फिर अमन की दुआएं माँगी गईं।

25. मीडिया के सामने रो- रो कर दिखाया गया!

      "*सबसे बेवकूफ हम*"
🙏 अत:भविष्य में हम भी सबसे धोखेबाज कौम से कुछ सीख लें और अपना अस्तित्व बचाएं।

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