तन्हाई शायरी । tanhai shayari । shayari on tanhai

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tanhai shayari

सुनो अब लौट कर मत आना, ये तन्हाई अब हमें तुमसे भी प्यारी लगती हैं।


मनाने की कोशिश तो बहुत की हमनें पर जब वो हमारे लफ़्ज ना समझ सके तो हमारी खामोशियों को क्या समझेंगे।

तन्हाई शायरी


मैं मुसीबत में अकेला हूँ... तो यार हैरत कैसी...?? हर कोई डूबती हुई क़श्ती से उतर ही जाता है...!!


बहुत अजीब हैं ये मोहब्बत करने वाले, बेवफाई करो तो रोते हैं और वफा करो तो रुलाते हैं।

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दिल पर क्या गुजरती है किसी से बिछड़ने के बाद,,, कभी हार कर देखना सब कुछ जीतने के बाद...

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तेरा इश्क़ भी बड़ा बेदर्दी है सनम, सांसे भी ले जाता है,मरने भी नहीं देता। तूँ वादा तो करता है, साथ रहने का, बस तन्हाई रहता है, तूँ दिखाई नहीं देता।।


उन की ना थी गलती हम ही कुछ गलत समझ बैठे, वो मोहबब्त से बात करते थे हम मोहबब्त ही समझ बैठे

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छुप के तेरी तस्वीरें देखता हूँ, बेशक तू ख़ूबसूरत आज भी है, पर चेहरे पर वो मुस्कान नहीं, जो मैं लाया करता था।


कितना अजीब है लोगों का अंदाज़-ए-मोहब्बत रोज़ एक नया ज़ख्म देकर कहते हैं अपना ख्याल रखना।


अगर नींद आ जाये तो, सो भी लिया करो, रातों को जागने से, मोहब्बत लौटा नहीं करती।

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❛वो दर्द ही क्या जो जबान से अदा हो, दर्द तो वो होता है जो जबान को खुलने ही ना दे।❜


❛मुश्कुराने पे सुरु हो और रुलाने पे खत्म हो जाये, ये वही जुल्म है जिसे लोग महोब्बत कहते है।❜


❛हम भी पागल थे कभी इश्क़ में तेरे लेकिन अब, तेरे चाहने वालों पे हँसी आती है।❜

मैं और मेरी तन्हाई शायरी


*ढूंढना ही है तो परवाह करने* *वालों को ढूंढ़िये ज़नाब...* *इस्तेमाल करने वाले तो ख़ुद ही आपको ढूंढ लेंगे...*


❛ढूँढ़ने चले थे एक शख्स की मोहब्बत, खुद को ही खो दिया उसकी चाहत में।❜


❛न गवाह मिलते हैं ओर न सबूत मिलते हैं, लोग बेख़ौफ एहसासों का कत्ल करते हैं।❜

तन्हाई स्टेटस


❛​जब मिलो किसी से तो ज़रा दूरी बना के मिलो,​ ​बहुत तड़पाते हैं अक्सर सीने से लगाने वाले।❜


❛​अब मत खोलना मेरी​ ​जिंदगी की पुरानी किताबों को, ​जो था वो मैं रहा नहीं​ ​जो हूँ वो किसी को पता नहीं।❜

अकेलापन शायरी


❛चुपचाप गुज़ार देगें तेरे बिना भी ये ज़िन्दगी, लोगो को सिखा देगें मोहब्बत ऐसे भी होती है।❜


❛खोजती है निग़ाहें उस चेहरे को, याद में जिसकी सुबह हो जाती है।❜


जख्म जब मेरे सीने के भर जायेंगें …. आसूं भी मोती बन कर बिखर जायेंगें …. ये मत पूछना किस-किस ने धोखा दिया …. वर्ना कुछ अपनों के चेहरे उतर जायेंगें


वक़्त ने ज़रा सी करवट क्या ली गैरो की लाइन में सबसे आगे पाया अपनों को !!!!!

तन्हाई शायरी 2 लाइन


ढूंढ तो लेते अपने प्यार को हम, ; शहर में भीड़ इतनी भी न थी..; पर रोक दी तलाश हमने, ; क्योंकि वो खोये नहीं थे, बदल गये थे


लोग पूछते हैं क्यों सुर्ख हैं तुम्हारी आँखे, हंस के कह देता हूँ रात सो ना सका, लाख चाहूं मगर ये कह ना सकूँ, रात रोने की हसरत थी रो ना सका।


बिन बात के ही रूठने की आदत है, किसी अपने का साथ पाने की चाहत है, आप खुश रहें, मेरा क्या है मैं तो आईना हूँ, मुझे तो टूटने की आदत है।

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