मोहब्बत शायरी | mohabbat shayari in hindi

मोहब्बत शायरी | mohabbat shayari in hindi

 

mohabbat shayari in hindi

धडकनों की तबाही के लिए, तेरी चूड़ियों की खन खन काफ़ी है।


मुस्कुराहट आपकी सबसे प्यारी है,,, इसलिए हमनें आप पे जान वारी है।।।


जिसकी रूह में बस गया हो कोई, उसकी नज़दीकियों के मायने ना पूछिये।


लिखूँ क्या नज़्म कोई तुझ पर गजल का खुद लिबास हो तुम मुकम्मल इश्क़ में डूबे हुये शायर का लफ्ज़-ए-ख़ास हो तुम जो अल्फ़ाज़ों में ना हो सके बयां इस दिल का हसीं वो ख्वाब हो तुम जो मिट के ना मिट सके उम्र भर वो इक ऐहसास हो तुम

मोहब्बत शायरी


“उसे किसी की मोहब्बत का एतबार नहीं..., उसे ज़माने ने शायद बहुत सताया है।”


दम है तो कर लो नफरत लेकिन याद रखना, नफरत के चक्कर में मोहब्बत ना हो जाये।


ऐ समुन्द्र तेरे से वाकिफ हूँ मगर इतना बताता हूँ... वो आँखे तुझसे ज्यादा गहरी है, जिनका में आशिक हूँ... ✍✍

mohabbat shayari in hindi


बदन से हो के गुजरा रूह से रिश्ता बना डाला... किसी की प्यास ने आखिर मुझे दरिया बना डाला... ✍✍


एक कतरा इश्क का मुझे भी पाना है... हौले हौले ही सही तेरे दिल में आना है... ✍✍

mohabbat shayari hindi


मोहब्बत के नशे में झूठे ख्वाब दिखा गई, मैं क्या बताऊं कैसी थी उसकी अदाए खम्बख्त पानी में आग लगा गई


नज़रों से ना देखो हमें तुम में हम छुप जायेंगे अपने दिल पर हाथ रखो. तुम हम वही तुम्हें मिल जायेंगे


दिल में छुपाकर रखा है मैंने उन लम्हों को...!! जो अक्सर ख्यालों में तेरे साथ जिए है मैंने...!!!!

mohabbat ki shayari


#मुस्कुरा जाती हूँ #गुस्से में भी तेरा #नाम_सुनकर😍 तेरे #नाम से इतनी #मोहब्बत है तो #सोच तुझसे #कितनी_होगी ❤


पकड़ कर हाथ मेरा, तुम सफर आसान कर देना, मेरे गम से मेरे साथी, मुझे अंजान कर देना, छुड़ाए साँस भी मुझसे कभी पीछा जो ऐ हमदम, लगाना तुम गले मुझको कि ये एक एहसान कर देना.....!!


*💞💕आंखें पढ़ो, और जानो हमारी रज़ा क्या है. . .💕* 💞💕 *हर बात लफ़्ज़ों से बयान हो, तो मज़ा क्या है. . . !💕*

mohabbat wali shayari


आज जब तसल्ली से सोचा तुम्हे मैंने, समझ आया आज तक तुम्हारे अलावा कुछ सोचा ही नही मैंने।


नजरोंसे हमें छू जाना उनकी पूरानी आदत हैं, पलभर में मौसम में मदहोशी ही मदहोशी छा जाती हैं।

hindi mohabbat shayari


बड़ी अल्लहड़ सी लड़की हुआ करती थी वो, फिर एक दिन मुहोब्बत कर बैठी। बहुत खोई खोई सी रहने लगी थी वो, ये कैसी गुस्ताखी वो कर बैठी।


ये उसकी बिखरी जुल्फे, तौबा, बड़ा जलाती हैं मुझे, जिन लबोंको छू तक नही सकता मैं, उन्हें चुम चुम कर चिढ़ाती है मुझे।


दिल खोलकर तू चाहत का इजहार करके तो देख , नशा शराब से ज्यादा है कभी तू प्यार करके तो देख..


लगता जीवन में मेरे फिर बदलाव आ रहा है , क्योंकि वापस हमारे जीवन लौट के प्यार आ रहा है..


दर्द तो सभी को होता है पर हमदर्द नसीब वालों को मिलते है.......

pyar mohabbat shayari


मोहब्बत करने के दो ही उसूल होते हैं या तो किसी के बन जाओ... या फिर किसी को अपना बना लो।
कांग्रेसी चमचों पर हास्य कविता | congressi chamcho par kavita

कांग्रेसी चमचों पर हास्य कविता | congressi chamcho par kavita

कांग्रेसी चमचों पर हास्य कविता

ये कविता उन कोंग्रेसी चमचों के लिए है जो हर बात पर मोदी सरकार की बुराई करते रहते है

चमचागिरी पर हास्य कविता

वो अयोध्या न जाए तो तकलीफ

वो अयोध्या जाए तो तकलीफ


इतनी क्यों जलती है तुम्हारी तशरीफ


वो 370 ना हटाए तो तकलीफ

वो 370 हटा दे तो तकलीफ़


वो लॉक डाउन करे तो तकलीफ

वो अनलॉक करे तो तकलीफ


इतनी क्यों जलती है तुम्हारी तशरीफ़

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चमचों पर हास्य कविता


वो सूटबूट पहने तो तकलीफ

वो गेरुआ वस्त्र पहने तो तकलीफ


वो रौबदार मूँछें रखे तो तकलीफ

वो बाल न काटे तो तकलीफ


इतनी क्यों जलती है तुम्हारी तशरीफ़


वो जय श्रीराम का नारा लगाए तो तकलीफ

वो राम का नाम ना ले तो तकलीफ


वो चीन के राष्ट्रपति को झूला झुलाए तो तकलीफ

वो चीन पर हमला करे तो तकलीफ


इतनी क्यों जलती है तुम्हारी तशरीफ़


वो टीवी पर आए तो तकलीफ

न आए तो तकलीफ


वो तुम्हारे जवाबों के सवाल न दे तो तकलीफ

वो तुम्हारे सवालों के जवाब न दे तो तकलीफ


इतनी क्यों जलती है तुम्हारी तशरीफ़


वो हँसे तो तकलीफ, वो रोए तो तकलीफ

वो तुम्हारी परवाह न करे तो तकलीफ


इतनी क्यो जलती है तुम्हारी तशरीफ़


वो चीन पर प्रतिबंध लगाए तो तकलीफ

न लगाए तो तकलीफ


इतनी क्यों जलती है तुम्हारी तशरीफ़


वो तुम्हें कुछ ना कहे तो तकलीफ

वो तुम्हें ज़लील करे तो तकलीफ


वो तुम्हारे ज़ख़्मों को कुरेदे तो तकलीफ

वो तुम्हारे ज़ख़्मों को दुनिया को दिखाए तो तकलीफ


इतनी क्यों जलती है तुम्हारी तशरीफ़

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वो बोले तो तकलीफ

मौन रहे तो तकलीफ


वो कुछ करे तो तकलीफ

कुछ ना करे तो तकलीफ


इतनी क्यों जलती है तुम्हारी तशरीफ़


चमचागिरी पर व्यंग


वो रॉफेल बुलाये तो तकलीफ

वो अपाचे, चुनुक बुलाये तो तकलीफ


वो सेना को साजोसामान दे तो तकलीफ

वो सैनिकों के साथ दीवाली मनाए तो तकलीफ


इतनी क्यों जलती है तुम्हारी तशरीफ़


तुम हो देश के गद्दार, बनकर बैठे थे शरीफ

उसने कर दिया है तुमको नंगा


अब ऐसे ही जलती रहेगी तुम्हारी तशरीफ़