nafrat shayari

नफरत शायरी | shayari on nafrat

तुम नफरत का धरना कयामत तक जारी रखो, मैं प्यार का इस्तीफा जिंदगी भर नहीं दूंगा। देख कर उसको तेरा यूँ पलट जाना,नफरत बता …

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